कोरोना की इस दहशत मे मजदुर का मजबूरी में पलायन, देश मे बना खतरे का कारण

कोरोना की इस दहशत मे मजदुर का मजबूरी में पलायन, देश मे बना खतरे का कारण

जहां आज देश के अधिकतर राज्य इस कोरोना महामारी से लड़ रहे हैं तो इस कोरोना महामारी कि देश में तेजी से फैलने की एक अहम वजह रही। वह यह कि देश में लोगों का पलायन वैश्विक महामारी कोरोना कि इस दहशत, में देश में लगे लॉक डाउन की में जहां लोगों ने मजबूरी में पलायन किया तो इस महामारी का भी फैलाव देश में तेजी से हुआ। आज देश के अलग-अलग हिस्सों से जो पलायन की तस्वीरें सामने आ रही है उसे महामारी के बीच मजबूरी का पलायन भी कहा जा सकता है।

क्योंकि लॉक डाउन ने लोगो के रोजगार छीन लिए बाहर राज्यों में रह रहे लोगों के सामने खाने और रहने का संकट आ खड़ा हुआ। तो ऐसे में मजबूरी में लोगों ने अपने घर की ओर रुख कर लिया। चूरू कि अगर हम बात करें तो जिले में अब तक 50 हजार के करीब प्रवासी लोग आ चुके हैं। जिला कलेक्टर संदेश नायक ने बताया कि जहां अन्य राज्य से आने वाले लोगों को जॉन वाइज डिवाइड किया जा रहा है ।बाहर से आने वाले लोगों को रेड ऑरेंज और ग्रीन जोन में बांटा जा रहा है।और रेड जोन को हाई रिस्क जॉन मान इन इलाकों से आए लोगों की सैंपलिंग की जा रही है।

कोरोना की इस दहशत मे मजदुर का मजबूरी में पलायन, देश मे बना खतरे का कारण


यह भी पढ़े:-जिला कलक्टर एसपी ने की प्रेस वार्ता कहां,धारा 144 व एडवाइजरी का उल्लंघन किया तो होगी कार्रवाई


अन्य राज्यो से आने वालों की थर्मल स्क्रीनिग

जिला मुख्यालय पर बाहर से आने वाले लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग कर ही उन्हें आगे भेजा जा रहा है। जहां रेड जोन से आने वाले लोगों को संदिग्ध मानते हुए उनकी सैम्पलिंग की जा रही है तो बाहर से आने वाले लोगों को क्वॉरेंटाइन सेंटर के लिए भेजा जा रहा है।

बड़े स्तर पर हुई सैम्पलिंग

जिला कलेक्टर संदेश नायक ने बताया कि अन्य जिलों की तुलना चूरू में बड़े स्तर पर सैम्पलिंग का कार्य किया जा रहा है यहाँ जिला अस्पताल से लेकर पीएचसी और सीएचसी स्तर तक सैंपल लिए जा रहे हैं 4500 के करीब लोगों के अब तक सैंपल लिए जा चुके हैं।

Post a Comment

Previous Post Next Post